28 अक्टूबर 2020

तिथि

तक::

नक्षत्र

मू तक ::

योग

आयुष्मान तक ::

मन्दिर वास्तु सेवा

मन्दिर वास्तु सेवा

अभी खरीदें
SKU: N/A Categories: ,

सामान्य परिचय– मन्दिर भगवान के रहने का स्थान है।हिन्दू धर्म के अनुसार मन्दिर निर्माण हेतु वास्तु के सिद्धांत भवन निर्माण के सिद्धांतों से बिलकुल भिन्न होते है।व्यक्ति घर में मन्दिर का निर्माण करे या समाज कल्याण हेतु मन्दिर का निर्माण दोनो ही वास्तु अनुसार होने चाहिए,ताकि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा,भक्ति व अध्यात्म की प्राप्ति हो सके।
वस्तुतःमन्दिर निर्माण हेतु अवश्य जानकारी होनी चाहिए ताकि वास्तु दोष उत्पन्न ना हो।मंदिर स्थान हेतु भूमि चयन सही हो,मन्दिर के निर्माण हेतु द्वार,परांगण,परिक्रमा स्थल,देव स्थान,गर्भस्थल,तौरण आदि का ध्यान रखना चाहिए।हमारे विद्वान आचार्यों द्वारा मन्दिर निर्माण सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी व्यक्ति को फ़ोन पर या वास्तु निरीक्षण के द्वारा उपलब्ध करायी जाती है।हमारे आचार्यों द्वारा मन्दिर निर्माण सम्बंधित परामर्श व उपाय भी व्यक्ति को दिए जाते है।

क्या है मन्दिर निर्माण सम्बंधित जानकारी
मन्दिर निर्माण सम्बंधित जानकारी व्यक्ति को वास्तु शास्त्र के आधार पर दी जाती है।मन्दिर निर्माण सम्बंधित जानकारी का विश्लेषण वास्तु शास्त्र के द्वारा किया जाता है,भूमि का सूक्ष्म रूप से विश्लेषण कर हमारे विद्वान आचार्यों द्वारा मन्दिर निर्माण प्रक्रिया सम्बंधित जानकारी व्यक्ति को बतायी जाती है,ताकि भविष्य में अशुभ घटनाओं से बचाव किया जा सके व भक्ति व अध्यात्म की प्राप्ति हेतु वास्तु सम्मत मन्दिर का निर्माण किया जा सके।


मन्दिर निर्माण सम्बंधित जानकारी के लाभ
-मन्दिर निर्माण सम्बंधित जानकारी से सुन्दर व वास्तु सम्मत मन्दिर का निर्माण किया जाता है।
-मन्दिर निर्माण सम्बंधित जानकारी से मन्दिर की शुभता बड़ती है,जिस से मन्दिर में जो भी आता है उन्हें शारीरिक,मानसिक,आर्थिक,भौतिक,अध्यात्मिक सुखों की प्राप्ति होती है,व आध्यात्मिक शान्ति मिलती है।
-मन्दिर निर्माण सम्बंधित जानकारी के साथ उचित उपचार हेतु परामर्श विद्वान आचार्यों द्वारा दिया जाता हैं।
-हमारे द्वारा दी गयी मन्दिर निर्माण सम्बंधित जानकारी ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध करायी जाती  है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *