28 अक्टूबर 2020

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गृह क्लेश निवारण हेतु पूजन

गृह क्लेश निवारण हेतु पूजन

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वैदिक विधान के अनुसार गृह-क्लेश निवारण हेतु पूजन करने से जीवन मे सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है।ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है।इस लिए गृह-क्लेश निवारण पूजन अवश्य कराना चाहिए

सामान्य परिचय-आज समाज में व्यक्ति अपनी अच्छी छवि बनाने के लिए प्रयास करता रहता है,समाज मे स्थित कुरीतियो,ग़लत वस्तु के प्रति व्यक्ति अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त भी करता है।वस्तुतः देखा भी गया है की व्यक्ति आज अधिक जागरुक है,परंतु बात घर की करे तो व्यक्ति इस पर कही न कही मोंन दिखता है,बाहरी समाज में अपनी छवि या प्रतिष्ठा के चलते व्यक्ति अपने घर मे स्थित क्लेशों से मुँह मोड़ लेता है।न करण के विषय में सोचता है,न इस के उपाय के विषय में जिसके चलते गृह क्लेश से उत्पन्न परेशानी बड़ते-बड़ते घर से बाहर समाज में आ जाती है और उसे शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।क्या है गृह क्लेश,क्यूँ छोटी-छोटी बात भविष्य मे भयानक रूप ले लेती है।कुंडली में ग्रहो के अशुभ दोषों के चलते गृह क्लेश उत्पन्न होते है,जिस से जीवन बहुत कष्टमय व मुश्किलों भरा बन जाता है,गृह क्लेश निवारण पूजन ग्रहजन्य व अन्य अशुभ दोषों की शांति हेतु पूजन है,जिस के करने से गृह क्लेशों से व्यक्ति को शांति मिलती है

क्यूँ करे गृह क्लेश निवारण पूजन
गृह क्लेश निवारण पूजन वैदिक रितियो द्वारा अशुभ ग्रह-योगों व अन्य दोषों को शांत करने का सरल उपाय है।इस पूजन से ग्रहजन्य बाँधा को शांत किया जाता हैं,जिसके परिणाम से व्यक्ति के जीवन मे उत्पन्न गृह क्लेश बाँधा समाप्त होती है ओर जीवन सुखमय व आनंदमय हो जाता है।

गृह क्लेश निवारण पूजन हेतु मुहूर्त-गृह क्लेश निवारण हेतु पूजन-पाठ,मंत्र-जाप,हवन,दान हमारे द्वारा दिशा निर्देश किए जाते हैं।

गृह क्लेश निवारण पूजन के लाभ
गृह क्लेश निवारण पूजन से जीवन मे उत्पन्न कष्टों,परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
अशुभ ग्रह व अन्य दोषों के प्रभावों को शांत किया जाता है।
जीवन को सुखमय,शांतिमय बनाने हेतु गृह क्लेश दोष निवारण पूजन विशेष लाभकारी है।

कैसे किया जाता है पूजन

हमारे वैदिक आचार्यों द्वारा पूजन वैदिक रीति अनुसार किया जाता है,जिसके फल स्वरूप व्यक्ति विशेष की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है।

वैदिक पूजन प्रक्रिया

1-मंगलाचरण-सर्व प्रथम पूजन प्रारम्भ हेतु सभी गुरुओं,देवी-देवता,इष्ट देव,पितरों आदि का वंदन मंगलकामना हेतु किया जाता है।

2-संकल्प-संकल्प पूजन का विशेष अंग होता है,इसके द्वारा यजमान के नाम,गोत्र,वर्ण काल आदि की स्थिति को बताया जाता है,पूजन का उद्देश्य व व्यक्ति की मनोकामनाओं को संकल्प द्वारा सिद्ध किया जाता है।

3-स्वस्ति वाचन-मंगलकामना हेतु वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है।

4-गणेश पूजन-पूजन मण्डल व यज्ञ की निर्विघ्नता हेतु भगवान गणेश का पूजन व स्थापन किया जाता है,भगवान गणेश के आशीर्वाद से पूजन व यज्ञ का पूर्ण फल यजमान को प्राप्त होता है।

5-कलश पूजन-किसी भी पूजन व यज्ञ में कलश पूजा का विशेष महत्व है।कलश पूजन सुख-समृद्धि के साथ यज्ञ की पूर्णता का प्रतीक है।

6-पंचांग पीठ पूजन-गणेश पूजन के उपरांत पंचांग पीठ पूजन का विधान है।पंचांग पीठ में ब्रह्मा,विष्णु,महेश पूजन,मातृका पूजन आदि किया जाता है।

7-पुण्याहवाचन– पुण्यहवाचन अर्थात पुण्यवचन।पूजन व यज्ञ मे सम्पूर्ण फल की प्राप्ति हेतु पुण्यवचनो द्वारा यजमान के लिए प्रार्थना की जाती है।

8-नवग्रह पूजन– नव ग्रह अर्थात (सूर्य,चंद्र,मंगल,बुध,बृहस्पति,शुक्र,शनि,राहु,केतु) का आवहन स्थापन व पूजन ग्रह कृत बाँधा दूर करने हेतु किया जाता है व पूजन व यज्ञ द्वारा ग्रहो के शुभ फल की  प्राप्ती हेतु प्रार्थना की जाती है।

9-दिक्पाल,लोकपाल व क्षेत्रपाल पूजन-वैदिक परम्परा अनुसार चार दिशाएँ,चार उपदिशाए,आकाश,पाताल व क्षेत्र के देवता का आवहन पूजन व स्थापन निर्विघ्नता हेतु किया जाता है।

10-प्रधान देव पूजन या सर्वतो भद्र पूजान-इस पूजन में यज्ञ के प्रधान देव का विशेष प्रकार से आवहन,स्थापन व पूजन किया जाता है।

11-मंत्र-जाप– पूजन उपरान्त मंत्रों का जाप किया जाता है।

12- हवन-मंत्र व पूजन की पूर्णता हेतु अंत में दशांश हवन जाप मंत्रो द्वारा ही किया जाता है।

13-आरती-भगवान की प्रसन्नता हेतु आरती की जाती है।

14-तर्पण और मार्जन-तर्पण व मार्जन करने से पूजन व यज्ञ में अज्ञानता वश किए गए दोष की शांति की जाती है।

15- ब्राह्मण भोज-पूजन व यज्ञ की समाप्ति हेतु ब्राह्मणों को आमंत्रित किया जाता है व श्रद्धा-भक्ति से भोजन कराया जाता है,यह भी पुण्य फल प्राप्ति हेतु पूजन प्रक्रिया के अंतर्गत आता है।

16-प्रसाद -अंत में सभी मनोकामनाओं व पुण्य फल की प्राप्ति हेतु ब्राह्मण व आचार्यों द्वारा आशीर्वाद हेतु आपको प्रसाद भेजा जाएगा।

17-वीडियो की सुविधा-विडियो व ओडीयो कोल के माध्यम से आप पूजन प्रक्रिया से जुड़ सकते है,आपके निमित्त किया गया सम्पूर्ण पूजन  विडियो के माध्यम से आपके ई-मेल व्हटसऐप नंबर पर भी उपलब्ध कराया जाता है।

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