16 जुलाई 2020

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विदेश शिक्षा व यात्रा हेतु पूजन

विदेश शिक्षा व यात्रा हेतु पूजन

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वैदिक विधान के अनुसार विदेश शिक्षा हेतु पूजन करने से जीवन मे सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है।ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है।इस लिए विदेश शिक्षा व यात्रा पूजन अवश्य कराना चाहिए

सामान्य परिचय-आज कल विदेश जाना बहुत आसान हो गया है,इस लिए व्यक्ति विदेश यात्रा,विदेश में शिक्षा,विदेश में नौकरी,व्यापार करना व रहना चाहता है,ताकि बेहतर भविष्य बन सके।इसी कामना हेतु हज़ारों लाखों लोग प्रयास करते है,कुछ सफल होते है तो कुछ को इसमें काफ़ी संघर्ष व निराशा का सामना करना पड़ता है।क्या करण होता है की इतनी सुविधा व सरलता के बाद भी व्यक्ति को विदेश जाने हेतु संघर्ष व निराशा का सामना करना पड़ता है।कुंडली में स्थित ग्रह,नक्षत्र,राशि के अशुभ प्रभाव के चलते व अन्य दोषों के चलते व्यक्ति को विदेश सम्बंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिस कारण विदेश में जाने की इच्छा व्यक्ति की सफल नही हो पाती।इन सभी समस्याओं के निवारण हेतु विदेश यात्रा,शिक्षा,नौकरी,व्यापार आदि के लिए पूजन किया जाता है,ताकि विदेश सम्बंधित समस्याओं का निवारण हो और व्यक्ति विदेश जाने की इच्छा का सुख उठा पाए।

क्यूँ करे विदेश शिक्षा व यात्रा आदि हेतु पूजन
विदेश शिक्षा,यात्रा आदि हेतु पूजन एक विशेष प्रकार का पूजन है।यह वैदिक रितियो द्वारा सम्पन्न किया जाता है।इसमें व्यक्ति के उद्देश्य हेतु कुंडली मे स्थित अशुभ ग्रह दोषों व अन्य दोषों को शांत कर व्यक्ति की इच्छा पूर्ति हेतु मंत्रोचर द्वारा प्रार्थना की जाती है,इसके शुभ परिणाम स्वरुप व्यक्ति की इच्छा पूर्ण होती है।

विदेश शिक्षा व यात्रा आदि पूजन हेतु मुहूर्त-विदेश शिक्षा व यात्रा आदि पूजन-पाठ,मंत्र-जाप,हवन,दान हमारे द्वारा दिशा निर्देश किए जाते हैं।

विदेश शिक्षा व यात्रा आदि पूजन हेतु के लाभ
विदेश शिक्षा,यात्रा आदि पूजन से ग्रह दोष व अन्य दोष शांत किए जाते है।
विदेश शिक्षा,यात्रा आदि में आ रही बाधा समाप्त हो जाती  हैं।
विदेश शिक्षा,यात्रा आदि पूजन के शुभ प्रभाव से व्यक्ति की इच्छा पूर्ण होती है।

कैसे किया जाता है पूजन

हमारे वैदिक आचार्यों द्वारा पूजन वैदिक रीति अनुसार किया जाता है,जिसके फल स्वरूप व्यक्ति विशेष की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है।


वैदिक पूजन प्रक्रिया

1-मंगलाचरण-सर्व प्रथम पूजन प्रारम्भ हेतु सभी गुरुओं,देवी-देवता,इष्ट देव,पितरों आदि का वंदन मंगलकामना हेतु किया जाता है।

2-संकल्प-संकल्प पूजन का विशेष अंग होता है,इसके द्वारा यजमान के नाम,गोत्र,वर्ण काल आदि की स्थिति को बताया जाता है,पूजन का उद्देश्य व व्यक्ति की मनोकामनाओं को संकल्प द्वारा सिद्ध किया जाता है।

3-स्वस्ति वाचन-मंगलकामना हेतु वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है।

4-गणेश पूजन-पूजन मण्डल व यज्ञ की निर्विघ्नता हेतु भगवान गणेश का पूजन व स्थापन किया जाता है,भगवान गणेश के आशीर्वाद से पूजन व यज्ञ का पूर्ण फल यजमान को प्राप्त होता है।

5-कलश पूजन-किसी भी पूजन व यज्ञ में कलश पूजा का विशेष महत्व है।कलश पूजन सुख-समृद्धि के साथ यज्ञ की पूर्णता का प्रतीक है।

6-पंचांग पीठ पूजन-गणेश पूजन के उपरांत पंचांग पीठ पूजन का विधान है।पंचांग पीठ में ब्रह्मा,विष्णु,महेश पूजन,मातृका पूजन आदि किया जाता है।

7-पुण्याहवाचन– पुण्यहवाचन अर्थात पुण्यवचन।पूजन व यज्ञ मे सम्पूर्ण फल की प्राप्ति हेतु पुण्यवचनो द्वारा यजमान के लिए प्रार्थना की जाती है।

8-नवग्रह पूजन– नव ग्रह अर्थात (सूर्य,चंद्र,मंगल,बुध,बृहस्पति,शुक्र,शनि,राहु,केतु) का आवहन स्थापन व पूजन ग्रह कृत बाँधा दूर करने हेतु किया जाता है व पूजन व यज्ञ द्वारा ग्रहो के शुभ फल की  प्राप्ती हेतु प्रार्थना की जाती है।

9-दिक्पाल,लोकपाल व क्षेत्रपाल पूजन-वैदिक परम्परा अनुसार चार दिशाएँ,चार उपदिशाए,आकाश,पाताल व क्षेत्र के देवता का आवहन पूजन व स्थापन निर्विघ्नता हेतु किया जाता है।

10-प्रधान देव पूजन या सर्वतो भद्र पूजान-इस पूजन में यज्ञ के प्रधान देव का विशेष प्रकार से आवहन,स्थापन व पूजन किया जाता है।

11-मंत्र-जाप– पूजन उपरान्त मंत्रों का जाप किया जाता है।

12- हवन-मंत्र व पूजन की पूर्णता हेतु अंत में दशांश हवन जाप मंत्रो द्वारा ही किया जाता है।

13-आरती-भगवान की प्रसन्नता हेतु आरती की जाती है।

14-तर्पण और मार्जन-तर्पण व मार्जन करने से पूजन व यज्ञ में अज्ञानता वश किए गए दोष की शांति की जाती है।

15- ब्राह्मण भोज-पूजन व यज्ञ की समाप्ति हेतु ब्राह्मणों को आमंत्रित किया जाता है व श्रद्धा-भक्ति से भोजन कराया जाता है,यह भी पुण्य फल प्राप्ति हेतु पूजन प्रक्रिया के अंतर्गत आता है।

<16-प्रसाद -अंत में सभी मनोकामनाओं व पुण्य फल की प्राप्ति हेतु ब्राह्मण व आचार्यों द्वारा आशीर्वाद हेतु आपको प्रसाद भेजा जाएगा।

17-वीडियो की सुविधा-विडियो व ओडीयो कोल के माध्यम से आप पूजन प्रक्रिया से जुड़ सकते है,आपके निमित्त किया गया सम्पूर्ण पूजन  विडियो के माध्यम से आपके ई-मेल व्हटसऐप नंबर पर भी उपलब्ध कराया जाता है।

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