21 अक्टूबर 2020

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गोमेद

गोमेद

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तौल :

6.64

रंग :

लाल

आकृति और कट :

तटस्थ

गोमेद एक प्रकृतिक रत्न है।यह हल्का लाल,पीला रंग लिए हुए होता है,कहा जा सकता है इसका रंग गई के मूत्र के सामान होता है,गोमेद ग्रेनेट प्रजाति का रत्न है।

यह रत्न देखने में बहुत आकर्षक होता है।गोमेद को राहु ग्रह की शुभता के लिए धारण किया जाता है।गोमेद धारण करने से शारीरिक,मानसिक व आर्थिक परेशानिया शांत होती है,शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बड़ती है,कार्यों में तेज़ी होती है।गोमेद धारण करने से व्यक्ति को मानसिक,शारीरिक,आर्थिक,आध्यात्मिक,चोट,दुर्घटना,प्रेत बांधा, स्नायु,संधि पैर,पिंडली,तलुए,शारीरिक दर्द,मस्तिष्क वेदना,वायु विकार,अल्सर,उचच रक्त चाप,थाइरेड,कब्ज,आदि की समस्या से मुक्ति मिलती है।
गोमेद धारण करने से व्यवसाय,नौकरी में आ रही बाँधा समाप्त होती है।        
गोमेद के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को विशेष कर भोग-विलास,पद-प्रसिद्धि,मान-सम्मान,सफलता,शारीरिक व आर्थिक लाभ मिलते है।

गोमेद – व्यापारी,राजनेता,अभिनेता,चिकित्सक ,उच्चाधिकारी,कला-साहित्य आदि से जुड़े व्यक्ति पहनना पसंद करते है।
गोमेद  वृष लग्न,मिथुन लग्न,मेष लग्न ,कन्या लग्न,तुला लग्न,मकर व कुम्भ लग्न वाले व्यक्ति को धारण करना चाहिए।गोमेद बुरे स्वप्नों से  भी बचाता है।

भार व धातु-गोमेद शरीर के वजन के  अनुसार धारण करना चाहिए या काम से काम 6 रत्ती या उस से अधिक धारण करना चाहिए।साथ ही गोमेद को सोने,चाँदी की अंगूठी पर धारण करना चाहिए।

पहनने का समय-गोमेद रत्न चंद्र मॉस की शुक्ल पक्ष में किसी भी शनिवार या बुधवार, के दिन सूर्योदय के एक घंटे बाद धारण किया जाता है।

प्राण-प्रतिष्ठा-नीलम को शुक्रवार व सोमवार की रात्रि में कच्चे दूध में या गंगा जल में रखना चाहिए और प्रातः काल में  माँ भैरव या राहुदेव का आवाहन करे।गोमेद को साफ जल से धोकर,लाल चन्दन लगाए,अक्षत चढ़ाये,धुप,दीप दिखाए और भगवान राहु देव से शुभता के लिए प्रार्थना करे।

अंगुली – मन्त्र-जाप के बाद गोमेद  की अंगूठी को दाहिने हाथ की मध्यमा (मिडल फिंगर) अंगुली में धारण करना चाहिए।

मन्त्र वैदिक-ॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृध: सखा।
कया शचिष्ठया वृता।।

मन्त्र तांत्रिक-ॐ रां राहवे नमः

मन्त्र बीज-ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः

विकल्प– गोमेद  के विकल्प में ग्रेनेट,  आदि को धारण किया जा सकता  है

सावधानी-ध्यान रहें की माणिक्य,पुखराज,लाल मूंगा और  
उनके विकल्प रत्नों के साथ गोमेद को नहीं पहना जाना चाहिए।

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