02 जून 2020

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माणिक्य

माणिक्य

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तौल :

5.95

रंग :

लाल

आकृति और कट :

मिश्रित कटिंग

माणिक्य एक प्रकृतिक रत्न है।यह लाल,संतरी,गुलाबी,बेगानी और भूरे रंग का मिलता है।

यह रत्न देखने में बहुत आकर्षक होता है।माणिक्य को सूर्य ग्रह की शुभता के लिए धारण किया जाता है।माणिक्य को धारण करने से शारीरिक व मानसिक रोग शांत होते है,शरीर में ऊर्जा बड़ती है,कार्यों में तेज़ी होती है।माणिक्य को धारण करने से व्यक्ति के नेत्र,अस्थि,पेट,मस्तिष्क,रक्त सम्बंधी विकार नष्ट होते है।
माणिक्य धारण करने से व्यवसाय,नौकरी में आ रही बाँधा समाप्त होती है।        
माणिक्य के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को विशेष कर प्रसिद्धि,सम्मान,सफलता,शारीरिक व आर्थिक लाभ मिलते है।
माणिक्य को राजनेता,अभिनेता,चिकित्सक ,उच्चाधिकारी,कला-साहित्य आदि से जुड़े व्यक्ति पहनना पसंद करते है।
माणिक्य को मेष लग्न, कर्क लग्न,सिंह लग्न ,वृश्चिक लग्न,धनु लग्न,मीन लग्न वाले व्यक्ति को धारण करना चाहिए।माणिक्य,जादू-टोना और बुरे स्वप्नों से  भी बचाता है।

भार व धातु-माणिक्य को शरीर के वजन के  अनुसार धारण करना चाहिए या काम से काम 6 रत्ती या उस से अधिक धारण करना चाहिए।साथ ही माणिक्य को सोने,चाँदी व ताम्बे की अंगूठी पर धारण करना चाहिए।

पहनने का समय-माणिक्य रत्न चंद्र मॉस की शुक्ल पक्ष  में किसी भी रविवार के दिन सूर्योदय के एक घंटे बाद धारण किया जाता है।

प्राण-प्रतिष्ठा-माणिक्य को शनिवार की रात्रि में कच्चे दूध में या गंगा जल में रखना चाहिए और प्रातः काल में  भगवान सूर्य देव का आवाहन करे।माणिक्य को साफ जल से धोकर,लाल चन्दन लगाए,अक्षत चढ़ाये,धुप,दीप दिखाए और भगवान सूर्य देव से शुभता के लिए प्रार्थना करे।

मन्त्र-माणिक्य की प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात माणिक्य धारण करने के लिए सर्व प्रथम निम्नलिखित मन्त्र  का 108 बार जाप करें-

मन्त्र वैदिक– ॐ आ कृष्णेन रजसा वर्त्तमानो निवेशयनमृतं मर्त्यं च हिरण्येन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन ॥

मन्त्र तांत्रिक-ॐ सूर्याय स्वाहा

मन्त्र बीज-ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ॥

अंगुली – मन्त्र-जाप के बाद माणिक्य की अंगूठी को दाहिने हाथ की तर्जनी (रिंग फिंगर) अंगुली में धारण करना चाहिए।

विकल्प– माणिक्य के विकल्प में लाल तामडा,लाल हकीक, आदि धारण किया जा सकते है

सावधानी-ध्यान रहें की माणिक्य  को हीरा, नीलम, लहसुनिया और उनके विकल्प वाले रत्नों के साथ नहीं पहना जाना चाहिए।

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