28 मार्च 2020

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राशि विचार

12 राशियाँ आकाश मण्डल में स्थित है। राशि शब्द का अर्थ ढेर अथवा समूह है। चूँकि राशियाँ नक्षत्र समूह से बनी है इसलिए इन्हें राशि कहते है। अंग्रेज़ी में इन्हें साइन (sign) कहता है।साइन का अर्थ है निशान,चिन्ह।इनसे ग्रहो की स्थिति का पता चलता है।जो वस्तुएँ... more

द्वारा आचार्य पंकज जी

ग्रह विचार

सूर्य - सूर्यों नृपो न चतुरस्रमघ्यमदिनेन्द्रदिक् स्वर्णचतष्पदोग्र:। सत्वं स्थिरस्तिक्तपशुक्षितिस्तु पितं जरन्पाटलमूलवन्य:।।सूर्य की भोगोलिक स्थिति-सूर्य खगोल की दृष्टि से पृथ्वी के सबसे निकट का तारा है,जो स्वयं के प्रकाश से प्रकाशवान... more

द्वारा आचार्य पंकज जी

ज्योतिष क्या है?

सामान्य परिचय-आकाश मे स्थित ज्योतिर्पिंडो के संचार और उनसे बनने वाले पारस्परिक सम्बन्धो के पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करने वाली विधा का नाम ज्योतिष हैं। ज्योतिष शब्द ज्योति =तारा तथा ष=गणक या भाग्यवेता इन दो शब्दों से मिलकर बना हैं... more

द्वारा आचार्य पंकज जी

क्या है भवन निर्म...

1-भूमि परीक्षण भारतीय वास्तु शास्त्र के अध्ययन करने के पश्चात तथा वैज्ञानिक दृष्टि से सोचने और विचार ने के पश्चात भवन हेतु भूमि चयन का सर्वाधिक महत्व है भूमि जितनी सुदृढ़ और फलवती होगी उस पर बना भवन भी उतना ही सुदृढ़ और बलवान होगा इसलिए भवन निर्माण... more

द्वारा आचार्य पंकज जी

वास्तु पुरूष

किमपि किल भूतभवद्रुन्धानं रोदसी शरीरेण। तदमरगणेन सहसा विनिगृह्याधोमुखं न्यस्तम्।। यत्र च येन गृहीतं विबुधेनाधिष्ठित: स तत्रैव। तदमरमयं विधाता वास्तुनरं कल्पयामास।। प्राचीन काल में कोई अज्ञात नाम वाला प्राणी उत्पन्न हुआ।वह अपने विशाल शरीर... more

द्वारा आचार्य पंकज जी

वास्तु शास्त्र

प्राच्यविद्याओ के अनुसार ईश्वर ने मनुष्य को अपना प्रतिरूप बनाकर विवेक एवं बुद्धि से सम्पन्न किया।जिससे सृष्टि की व्यवस्था और धरती पर जन्म लेने वाले सभी  प्राणियों का संरक्षण हो सके। जीवन को सुखी,सुरक्षित एवं शांतिमय बनाने के लिए जिन-जिन... more

द्वारा आचार्य पंकज जी

हाथ में दो प्रकार...

1 - हाथ के प्रकार - इस भाग के अन्तर्गत हाथ कि विभिन्न आकृतियों का पता चलता हैं हाथ तथा हाथ में उंगली आदि के माध्यम से जातक का भविष्य निर्धारण किया जाता हैं हस्त रेखा विज्ञान के अवलोकन के पश्चात कुछ विशेष हाथ कि आकृतियों का पता चलता हैं - 1 - निम्न श्रेणी... more

द्वारा आचार्य पंकज जी

हस्त रेखा

कहते है इंसान का चेहरा एक बार धोखा दे सकता है,परन्तु हाथ कभी धोखा नही दे सकता।हस्त रेखा ज्योतिष शास्त्र की  एक विधा है। जिस प्रकार ज्योतिष शास्त्र में सिद्धांत,संहिता,होरा तीन भाग है,और फल कथन के लिए संहिता एवं होरा शास्त्र से विचार किया जाता... more

द्वारा आचार्य पंकज जी

शुभ अंक निकालने क...

शुभांक = (मूलांक +भाग्यांक + नामांक + स्तूपांक) उदाहरणार्थ- यहां हम किसी व्यक्ति जिसका नाम अमन है उसका शुभांकनिकालते हैं। मान लीजिए अमन का जन्म 1-2-1930 को हुआ। अतः अमन का जन्म 1-2-1930 को हुआ था। अतः मूलांक = 01 = 0 +1 = 1 अतः जन्मतिथि का मूलांक 2 हुआ। अब भाग्यांक... more

द्वारा आचार्य पंकज जी

अंक ज्योतिष के आध...

राशि क्रम संख्या •​मेष 1 •​वृष 2 •​मिथुन 3 •​कर्क 4 •​सिंह 5 •​कन्या 6 •​तुला 7 •​वृश्चिक 8 •​धनु 9 चूंकि 1 से 9 तक के अंक के बाद के अंक ज्योतिष में पुनरावृत्ति होती है, अतः हम 9 के बाद के वाले अंक को पुनः उसी क्रम में रखेंगे- •​मकर 10 = 1+0 = 1 •​कुंभ 11 = 1+1 =... more

द्वारा आचार्य पंकज जी
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